अब आप भी अपनी वंशावली प्राप्त करसकते है कुलवृक्ष के माध्यम से और एक मौका आपके बरोट से मिलने का।
हमारे कुलवृक्ष के एक वेरीफाई बरोट उनके द्वारा उनके कई यजमानो को मिला मौका उनका इतिहास जानने का और उनके पूर्वजो के बारे में जानेका।
मैं लेउवा कड़वी पटेल का वाहिवंचा बरोट हू और में कुलवृक्ष के मध्यम से मेरे यजमान आप सभी लेउवा कदवी पटेल मेरा संपर्क कर सकते हैं और आप लोग भी कुलवृक्ष में जुड़ सकते हैं और मेरा नाम अश्विनभाई भीमजीभाई आभानी, मेरा गाओ मजेवदी जिला जूनागढ़। मैं कुलवृक्ष का एक (वेरफाइड) सत्यापित बरोट हु मेरी केवी आईडी 31090 है।
नमस्कार सर मेरा नाम अश्विनभाई भीमजीभाई आभानी मजेवदी गम मेरा है और मैं लेउवा कदवी पटेल का वाहिवंचा बरोट हु और मेरे यजमानो का वहावांचा मतलाब की किताब में वंशावली लिखने का मेरा पीढी धर पीढी की क्रिया चलती है और मैं भी वही कर रहा हूं और मेरे पास लेउवा कदवी पटेल के गांव जेसे के धोराजी, माकेड़ा, जूनागढ़, तलाला, बोरवाव, धवाज, मोरुका, रणपुरवा, टीका , किरसदा, अलीद्रा, सुरवा, पदोदर, केशोद, उनेदा, भरसिंग्रोडी, बावसिंग्रोडी, समदियादा, जैसे कई गम है।
उनके पास उनके यजमान में अभी जो है जिस्के वो वहीवांचा की पोठियो मतलब के उनके वंश में लिखी किताब वो उनके पास है अभी तक कड़वी पटेलो का 700 विक्रमसौवन 714 से लेके आज तक का पुरा पूरा इतिहास उनके वहीवांचा तरफ से मेरे पास इतिहास आज भी संभाला हुआ है। उसमे उनके यजमानो की कुलदेवी, उनके कुलदेवता, उनके पूर्वजो, उनके शूरवीर योद्धा, उनके कुल के और कोई सती हुए थे उनके सौवंत और उनके नमो के साथ अनेक इतिहास उनके पास लिखा हुआ पढ़ा है और उसमे भी वागसिया, गजेरा, गोबरिया, सावलिया, सरदारा, उषादर, वेकारिया, कोरड, बबरिया, वसोया, खुट जैसे अनेक परिवार मेरे पास है।
उनका मखेड़ा के पादर के वह मस्तक गिरा हुआ था जब युद्ध के ढींगाना के अंदर एक गाओ में साढ़े तीन किलोमीटर उनका धड़ लडते लडते गया था।
आज उनके परिवारजनोन ने बहुत ही भव्य मंदिर बनाया है लगभाग साढ़े तीन करोड़ के खर्च से ये मंदिर का जिनोधार किया है उसमे प्रमुख स्थान पर है जहां जूनागढ़ मार्केटी जहां मांजी अध्यक्ष भीखा चन गजेरा जो वड़ोदरा के अंदर एस.वी. बिल्डर्स करके बहुत प्रसिद्ध है।
उनके जो पूर्वज है वो काना बापा है और वागसिया धोराजी के अंदर के दो महान संत होगये है जिन्होने धर्म के क्रिया किया है और आज की तारीख में भी खाद्य क्षेत्र चालू है। वेसे ही एक तेजा बापा वागसिया और रत्न बापा बगसिया को आज भी धोराजी के अंदर जगह है और बग्दू गाम के अंदर कलाभगत दोबारिया जिन्को नए दो 5 सती को ज़मीन दी गई और बग्दू में रहने के लिए घर दिया और बहुमन भी दिया और तेदवियाता और संत रत्न उपलेता के अंदर जीरा विस्तार के अंदर खुदने जीते जी समाधि लेली थी और उनके परिवार के जो कलाभगत के लड़के के लड़के के लड़के के लड़के वो आजाभगत वो गिरनार की जो परिक्रमा लुप्त होगई थी जिन्को समाज में ख्याल नई था वो परिक्रमा को जीवित करके और वही आज जागृति को चार चांद गिरनार के परिक्रमा को लगादिये तो उसके भाग्य से मेरे यजमान आजाभगत दोबरिया भी है।
मेरा नाम अश्विनभाई भीमजीभाई आभानी और मेरा पता बजवड़ी है आप सभी जानते ही है पर फिर भी अगर कोई ज्यादा जरुरत हुवी तो कुलवृक्ष के मध्यम से तुम सब मेरे यजमान लेउवा कड़वी पटेल मेरा संपर्क करसते हो और आप भी सभी कुलवृक्ष में अपना खाता मुफ्त मैं ( फ्री मैं ) खुलासकेते है लेउवा कड़वी पटेल यजमानो को सबको बताना चाहता हूं और विनंती भी कर रहा हूं के आपके परम्परागत जेसे के वहीवांचा बारोट जो आपकी पोथियाँ नाइतो किताब जिसमे आपकी वंशावली लिखी जाती है उसे हम बही कहते हैं।
पर आज एक समय आया है जो डिजिटल है अभी, और मोदी सरकार भी कहती है डिजिटल इंडिया, तो उसमें हम सभी सपोर्ट देकर कुलवृक्ष के माध्यम से आज ही से डिजिटल वंशावली बना चाहते है, उसमे आप आपके फोटोज आपकी आवाज आपकी जीवनी वो सब आप परम्परागत पीडियो तक संभल के सेव कर सकते हैं।
आप आपकी परिवार की तस्वीरो के साथ परिवार का डिजिटल माध्यम से आप आपकी बही नए से अलग तारिके से मतलब के डिजिटल तारिके से नई शूरुवत कर सकते हैं और आप इसके मध्यम से आपके अनेक प्रकार की पिधिया है जेसे 15-20 पीढ़ि पहले के पूर्वजो थे तो उनका नाम आप जान सकते हैं और अगर आप हमारी मध्यम से अगर आपकी वंशावली बनाएंगे तो आपके 100-200-300 पीढी बाद में भी आपके संतान देख पाएंगे और अगर आपके फोटो अपलोड किए होंगे तो वो भी आपके संतान देख पाएंगे और अगर उनकी आवाज सेव होगी तो आप वो भी सुन पाएंगे आप और आपके संतान जो आपके आगेकी आने वाली पिढ़ी है वो, सिरफ और सिरफ कुलवृक्ष के मध्यम से।
कुलवृक्ष में रूचि दर्शाने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद!
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